- Panic Attack And Heart Attack Difference: अक्सर लोग पैनिक अटैक को हार्ट अटैक समझ लेते हैं और घबरा जाते हैं
- दोनों के लक्षणों में काफी समानता महसूस होती है
- आइये डॉक्टर से जानते हैं पैनिक अटैक और हार्ट अटैक में क्या अंतर होता है?
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पैनिक अटैक और हार्ट अटैक के लक्षणों में काफी समानता होने के कारण अक्सर लोग इन दोनों को एक-दूसरे समझ लेते हैं। सीने में दर्द, सांस फूलना, पसीना आना और घबराहट जैसे लक्षण दोनों स्थितियों में देखे जा सकते हैं, जिससे मरीज और उनके परिजनों में भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है। हालांकि, दोनों के कारण और शरीर पर प्रभाव बिल्कुल अलग होते हैं। डॉक्टरों के अनुसार, पैनिक अटैक एक मानसिक स्थिति है, जबकि हार्ट अटैक एक गंभीर हृदय संबंधी आपात स्थिति है।
पैनिक अटैक में अचानक तीव्र भय या बेचैनी का एहसास होता है, जो आमतौर पर कुछ मिनटों में अपने चरम पर पहुंच जाता है। इसमें दिल की धड़कन तेज हो जाती है, सीने में जकड़न महसूस होती है और व्यक्ति को लगता है कि उसकी सांस रुक रही है। लेकिन यह लक्षण किसी शारीरिक बीमारी के बजाय मस्तिष्क में अचानक आए तनाव या भय के कारण उत्पन्न होते हैं। वहीं, हार्ट अटैक में हृदय की मांसपेशियों तक रक्त की आपूर्ति बाधित हो जाती है, जो धमनियों में रुकावट के कारण होता है। इसका दर्द अक्सर सीने से शुरू होकर बाएं हाथ, जबड़े या पीठ तक फैल सकता है और लंबे समय तक बना रहता है।
डॉक्टरों का कहना है कि पैनिक अटैक से सीधे तौर पर दिल को कोई स्थायी नुकसान
स्रोत: indiatv.in





























