- मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ब्याज दरों को लेकर बड़ा संकेत दिया है
- RBI गवर्नर संजय मलहोत्रा ने साफ कहा है कि फिलहाल रेपो रेट बढ़ाने की बात करना जल्दबाजी होगी
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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मलहोत्रा ने बुधवार को स्पष्ट संकेत दिया कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद फिलहाल रेपो रेट में बढ़ोतरी की कोई तत्काल आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच मौद्रिक नीति को स्थिर रखना ही अभी सबसे उपयुक्त रणनीति होगी।
गवर्नर ने एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि मिडिल ईस्ट के हालात पर RBI की पैनी नजर है, लेकिन अभी ऐसा कोई संकेत नहीं है कि दरों में बदलाव की जरूरत पड़े। उन्होंने यह भी जोर दिया कि महंगाई अब भी RBI के सहनशीलता दायरे में है और आर्थिक विकास को गति देने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान-इज़राइल संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि RBI का यह रुख घरेलू अर्थव्यवस्था को स्थिरता प्रदान करेगा। पिछली कुछ मौद्रिक नीति समीक्षाओं में ब्याज दरों को यथावत रखा गया था, और मलहोत्रा के इस बयान से यह संकेत मिलता है कि आने वाली समीक्षा में भी कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी और जरूरत पड़ने पर उचित कदम उठाए
स्रोत: indiatv.in





























