- text-align: justify
- जब से ईरान और यूएस के बीच युद्ध हुआ था, तभी से देश की अर्थव्यवस्था काफी गड़बड़ा गई थी
- महंगाई की मार आम जनता की जेबों तक भी पहुंची
- इस महंगाई की मार से कोई सेक्टर नहीं छूटा
पढ़ने का समय: लगभग 1 मिनट
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने बैंकिंग सिस्टम में तरलता बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय बैंक ने बैंकिंग सिस्टम में 1.41 लाख करोड़ रुपये डाले हैं। यह कदम ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बाद देश की अर्थव्यवस्था में आई गड़बड़ी को ठीक करने के लिए उठाया गया है। इस फैसले का मकसद बैंकों के पास नकदी की कमी को दूर करना और कर्ज देने की क्षमता को बढ़ाना है।
दरअसल, पिछले कुछ महीनों में अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई के दबाव ने भारतीय अर्थव्यवस्था को काफी प्रभावित किया है। महंगाई की मार से लेकर बैंकिंग सिस्टम की कार्यप्रणाली तक, हर सेक्टर पर इसका असर पड़ा है। बैंकों के पास नकदी की कमी के कारण कर्ज देने की प्रक्रिया धीमी हो गई थी, जिससे उद्योग और आम जनता दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। RBI के इस कदम से बैंकों को अधिक तरलता मिलेगी, जिससे वे अधिक कर्ज दे सकेंगे।
इस फैसले का सीधा लाभ आम जनता को मिलेगा। बैंकों के पास पर्याप्त नकदी होने से होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन जैसे कर्ज सस्ते और आसानी से मिलेंगे। साथ ही, छोटे और मझोले उद्योगों को भी कारोबार बढ़ाने के लिए जरूरी पूंजी मिल सकेगी। इससे अर्थव्यवस्था में
स्रोत: abplive.com































