- कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिवार के ख़िलाफ़ उज्जैन में ज़मीन से जुड़े करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट जज की निगरानी में जांच कराने की मांग की है
- एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मोहन यादव के सीएम बनने के बाद उनके परिवार और उनसे जुड़ी कंपनियों ने उज्जैन में 168…
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भोपाल। मध्य प्रदेश में एक बार फिर मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिवार से जुड़े ज़मीन के सौदों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री पर करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेता ने आज भोपाल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मांग की कि इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त या कार्यरत न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए।
कांग्रेस के अनुसार, एक समाचार पोर्टल की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके परिवार के सदस्यों और उनसे जुड़ी कंपनियों ने उज्जैन में लगभग 168 बीघा ज़मीन के सौदे किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि इन लेन-देन में नियमों और प्रक्रियाओं की अनदेखी की गई है, और सीएम पद का दुरुपयोग कर परिवार को अवैध रूप से लाभ पहुंचाया गया है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, “यह सिर्फ एक मीडिया रिपोर्ट नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार का सबूत है। सरकार को इस मामले में पारदर्शी जांच करानी चाहिए।”
गौरतलब है कि मोहन यादव दिसंबर 2023 में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे। उनके कार्यकाल में यह पहला मौका नहीं है जब उनके परिवार के कारोबार को लेकर सवाल उठ
स्रोत: thewirehindi.com































