- UP Monsoon Delay: उत्तर प्रदेश में मानसून की देरी से खरीफ की खेती पर संकट गहरा गया है
- योगी सरकार ने किसानों के लिए विशेष तैयारी के निर्देश दिए हैं
- Learn how UP farmers are adapting to delayed monsoon, heatwave, and ensuring food security
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में इस वर्ष मानसून की देरी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खरीफ सीजन की बुआई के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण होता है, लेकिन अब तक पर्याप्त बारिश न होने से प्रदेश के कई जिलों में खेती प्रभावित होने की आशंका बन गई है। मौसम विभाग के अनुसार, इस बार मानसून सामान्य से करीब एक सप्ताह देरी से आया है, जिससे धान, मक्का, दलहन और तिलहन जैसी फसलों की बुआई का कार्यक्रम गड़बड़ा गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस संकट से निपटने के लिए त्वरित कदम उठाए हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी 75 जिलों में कृषि विभाग को अलर्ट जारी करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने किसानों को वैकल्पिक फसलों की बुआई के लिए प्रोत्साहित करने का फैसला लिया है, ताकि मानसून की देरी का असर कम से कम हो। इसके तहत धान के बजाय कम पानी में तैयार होने वाली फसलों जैसे मूंग, उड़द, मक्का और बाजरा की खेती पर जोर दिया जा रहा है। कृषि विभाग ने जिलों को नर्सरी तैयार रखने और उन्नत बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की देरी के बावजूद जुलाई के पहले सप्ताह तक अच्छी बारिश होने पर खरीफ सीजन को बचाया जा सकता है। हालांकि, लगातार बढ़ती गर्मी और लू के कारण भूमि में नमी की कमी हो गई है, जो बुआई
स्रोत: hindi.oneindia.com















