- देश की सबसे बड़ी शिक्षक पात्रता परीक्षाओं में शामिल यूजीसी नेट जून 2026 एक बार फिर विवादों में घिर गई है
- परीक्षा खत्म होने के कुछ ही दिनों बाद यह दावा सामने आया कि अंग्रेजी विषय के पेपर में 150 में से करीब 67 सवाल दिसंबर 2024 की परीक्षा से हूबहू मिलते हैं
- इस बीच राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने प्रोविजनल आंसर की जारी कर दी है और अभ्यर्थियों के लिए आपत्ति दर्ज कराने की खिड़की भी खोल दी गई है, जिससे लाखों उम्मीदवारों की निगाहें अब अगस्त में आने वाले नतीजे पर टिकी हैं
- परीक्षा का आयोजन और जालंधर में तकनीकी बाधा
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देश की सबसे बड़ी शिक्षक पात्रता परीक्षाओं में शामिल यूजीसी नेट जून 2026 एक बार फिर विवादों में घिर गई है। परीक्षा खत्म होने के कुछ ही दिनों बाद यह दावा सामने आया कि अंग्रेजी विषय के पेपर में 150 में से करीब 67 सवाल दिसंबर 2024 की परीक्षा से हूबहू मिलते हैं। इस बीच राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने प्रोविजनल आंसर की जारी कर दी है और अभ्यर्थियों के लिए आपत्ति दर्ज कराने की खिड़की भी खोल दी गई है, जिससे लाखों उम्मीदवारों की निगाहें अब अगस्त में आने वाले नतीजे पर टिकी हैं।
परीक्षा का आयोजन और जालंधर में तकनीकी बाधा
एनटीए ने यूजीसी नेट जून 2026 परीक्षा 22 से 30 जून 2026 के बीच कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) मोड में, देशभर के लगभग 287 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की। परीक्षा के दौरान पंजाब के जालंधर स्थित सीटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस केंद्र पर 22 जून की पहली पाली में तकनीकी खामी सामने आई, जिसके चलते एनटीए को उस शिफ्ट की परीक्षा रद्द करनी पड़ी। प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए 5 जुलाई 2026 को दोपहर 3 बजे उसी केंद्र पर दोबारा परीक्षा आयोजित की गई।
क्यों अहम है यह परीक्षा
यूजीसी नेट का परिणाम देश में सहायक प्रोफेसर पद की पात्रता, पीएचडी में प्रवेश और जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ) तय करता है। यही वजह है कि परीक्षा प्रक्रिया में जरा-सी भी अनियमितता लाखों शोधार्थियों और भावी शिक्षकों के करियर पर सीधा असर डालती है।
अंग्रेजी पेपर के सवालों पर उठे सवाल
परीक्षा खत्म होते ही सोशल मीडिया और शिक्षक संगठनों में यह मुद्दा छा गया कि अंग्रेजी विषय के पेपर के लगभग 65 से 67 सवाल दिसंबर 2024 के पेपर से लगभग शब्दश: मेल खाते हैं। अभ्यर्थियों के अनुसार कई खामियां पेपर में मिलीं, जैसे:
- रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन के पूरे-पूरे गद्यांश पहले जैसे ही दोहराए गए
- कविता आधारित सवाल और विकल्पों का क्रम भी 2024 के पेपर जैसा ही रखा गया
- जिन सवालों को 2024 में गलत बताकर चुनौती दी गई थी, वे इस बार भी परीक्षा में दोबारा आ गए
- समाजशास्त्र (सोशियोलॉजी) के पेपर में वर्तनी की गलतियां सामने आईं, जिसमें विद्वान जॉर्ज रित्ज़र का नाम गलत छाप दिया गया
शिक्षकों और अकादमिक जगत का कहना है कि सवालों की पुनरावृत्ति से उन अभ्यर्थियों को अनुचित फायदा मिल सकता है जिन्होंने कोचिंग संस्थानों के जरिए पुराने प्रश्नपत्रों का गहन अभ्यास किया था, जबकि बाकी उम्मीदवार इस बढ़त से वंचित रह गए। तेलंगाना उच्च शिक्षा परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष और उस्मानिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर शेख महमूद ने इसे एक अलग-थलग गलती नहीं, बल्कि व्यवस्थागत विफलता करार दिया।
आंसर की, आपत्ति प्रक्रिया और आगे की समयरेखा
एनटीए ने 18 जुलाई 2026 को यूजीसी नेट जून सत्र की प्रोविजनल आंसर की आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर जारी कर दी। आंसर की जारी होने के साथ ही तीन से चार दिन की आपत्ति खिड़की भी खोली गई है। अभ्यर्थी इस प्रक्रिया से गुजर सकते हैं:
- आवेदन क्रमांक और जन्मतिथि/पासवर्ड से आधिकारिक पोर्टल पर लॉगिन करें
- जिस सवाल पर आपत्ति है, उसे चुनें और समर्थन में संदर्भ या दस्तावेज अपलोड करें
- प्रति प्रश्न 200 रुपये का गैर-वापसी योग्य शुल्क डेबिट/क्रेडिट कार्ड, नेट-बैंकिंग या यूपीआई से जमा करें
पिछले वर्षों के रुझानों के आधार पर, आपत्तियों पर समीक्षा के बाद अंतिम आंसर की अगस्त के पहले या दूसरे सप्ताह में जारी होने की उम्मीद है, जबकि यूजीसी नेट रिजल्ट 2026 अगस्त के पहले सप्ताह में घोषित हो सकता है। हालांकि एनटीए की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है, इसलिए अभ्यर्थियों को नियमित रूप से आधिकारिक वेबसाइट देखते रहने की सलाह दी जाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
यूजीसी नेट जून 2026 का रिजल्ट कब आएगा?
एनटीए ने अभी आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है, लेकिन पिछले वर्षों के रुझान के अनुसार परिणाम अगस्त 2026 के पहले सप्ताह में आने की संभावना है। सटीक तारीख के लिए ugcnet.nta.nic.in पर नजर रखें।
आंसर की पर आपत्ति कैसे दर्ज करें?
अभ्यर्थियों को आवेदन क्रमांक और जन्मतिथि से पोर्टल पर लॉगिन कर संबंधित प्रश्न चुनना होगा, सहायक दस्तावेज अपलोड करने होंगे और प्रति प्रश्न 200 रुपये का गैर-वापसी योग्य शुल्क ऑनलाइन जमा करना होगा।
अंग्रेजी पेपर विवाद से जुड़े अभ्यर्थियों को क्या राहत मिल सकती है?
अभी तक एनटीए ने इस मुद्दे पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। शिक्षक संगठन और अकादमिक विशेषज्ञ जांच की मांग कर रहे हैं, ऐसे में आगे कोई कार्रवाई या स्पष्टीकरण होने पर एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट और सार्वजनिक सूचनाओं पर नजर रखना जरूरी है।














