- 23 जुलाई से स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आगाज़ हो चुका है, और भारत के लिए यह आयोजन खास मायने रखता है क्योंकि देश ने 126 खिलाड़ियों का अब तक का सबसे बड़ा दल यहां भेजा है
- ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा, मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन जैसे सितारों की मौजूदगी ने भारतीय प्रशंसकों की उम्मीदें और बढ़ा दी हैं
- यह टूर्नामेंट 2 अगस्त तक चलेगा और इसमें भारत आठ मुख्य खेलों के साथ-साथ पांच पैरा स्पर्धाओं में भी हिस्सा ले रहा है
- उद्घाटन समारोह और भारतीय दल की झलक
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23 जुलाई से स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आगाज़ हो चुका है, और भारत के लिए यह आयोजन खास मायने रखता है क्योंकि देश ने 126 खिलाड़ियों का अब तक का सबसे बड़ा दल यहां भेजा है। ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा, मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन जैसे सितारों की मौजूदगी ने भारतीय प्रशंसकों की उम्मीदें और बढ़ा दी हैं। यह टूर्नामेंट 2 अगस्त तक चलेगा और इसमें भारत आठ मुख्य खेलों के साथ-साथ पांच पैरा स्पर्धाओं में भी हिस्सा ले रहा है।
उद्घाटन समारोह और भारतीय दल की झलक
ग्लासगो के प्रसिद्ध द हाइड्रो एरिना में हुए भव्य उद्घाटन समारोह में भारतीय दल की अगुवाई दो अनुभवी ओलंपियनों ने की। वेटलिफ्टर मीराबाई चानू को भारत की ध्वजवाहक बनाया गया, जबकि मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन को बैटन बियरर की जिम्मेदारी सौंपी गई।
अनुभव और भूख का संगम
मीराबाई चानू टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता हैं और गोल्ड कोस्ट 2018 व बर्मिंघम 2022 में स्वर्ण जीत चुकी हैं, यानी उनके पास कॉमनवेल्थ गेम्स का भरपूर अनुभव है। वहीं लवलीना, जो टोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता हैं, पिछले दो कॉमनवेल्थ गेम्स (2018 और 2022) में खाली हाथ लौटी थीं और इस बार अपने पहले कॉमनवेल्थ पदक की तलाश में उतरेंगी। कुल मिलाकर भारतीय दल में 77 पुरुष और 48 महिला खिलाड़ी शामिल हैं, जिनमें पैरा-एथलीट भी शामिल हैं।
किन खेलों पर टिकी हैं भारत की पदक उम्मीदें
इस बार भी एथलेटिक्स भारत के लिए सबसे बड़ा पदक कार्यक्रम रहने वाला है, लेकिन मुक्केबाजी, वेटलिफ्टिंग, तैराकी और जूडो में भी भारतीय खिलाड़ियों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। ग्लासगो में जिन खेलों में भारत की चुनौती रहेगी उनमें शामिल हैं:
- एथलेटिक्स — जैवलिन थ्रो सहित ट्रैक एंड फील्ड इवेंट
- मुक्केबाजी — कुल 14 पदक स्पर्धाएं
- वेटलिफ्टिंग
- तैराकी और पैरा-तैराकी
- 3×3 बास्केटबॉल, ट्रैक साइक्लिंग, आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक और जूडो
नीरज चोपड़ा पर रहेंगी सबकी निगाहें
पूर्व ओलंपिक और विश्व चैंपियन नीरज चोपड़ा भारत के एथलेटिक्स दल के मुख्य आकर्षण होंगे। पुरुषों की जैवलिन थ्रो का फाइनल 1 अगस्त को होना तय है, और भारतीय प्रशंसकों को उनसे एक और बड़े पदक की उम्मीद रहेगी।
मुक्केबाजी रिंग में युवा ताकत
ग्लासगो 2026 में मुक्केबाजी के मुकाबले स्कॉटिश इवेंट कैंपस (SEC) में होंगे। शुरुआती दौर 24 से 29 जुलाई तक चलेंगे, जबकि पदक के मुकाबले 31 जुलाई और 1 अगस्त को खेले जाएंगे। विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता परवीन हुड्डा के साथ-साथ साक्षी चौधरी, प्रीति पवार और जैस्मीन लाम्बोरिया जैसी युवा मुक्केबाज भारत की स्वर्ण पदक की प्रबल दावेदार मानी जा रही हैं। वेटलिफ्टिंग स्पर्धाएं 26 से 30 जुलाई तक आयोजित होंगी, जहां दो बार की कॉमनवेल्थ चैंपियन मीराबाई चानू पर सबकी नजरें रहेंगी।
टूर्नामेंट से पहले झटके भी लगे
बड़े आयोजन से ठीक पहले भारतीय दल को कुछ निराशाजनक खबरों का भी सामना करना पड़ा। जूडोका अरुण कुमार (पुरुष 73 किग्रा) डोपिंग टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने के बाद टूर्नामेंट से बाहर हो गए। इसके अलावा वेटलिफ्टर दिलबाग सिंह (94 किग्रा) को हटना पड़ा, क्योंकि क्वालिफिकेशन दौर में हुए एंटी-डोपिंग उल्लंघनों के चलते भारत का वेटलिफ्टिंग कोटा घटा दिया गया था। पैरा-तैराक तेजस नंदकुमार की पुरुषों की 50 मीटर फ्रीस्टाइल S7 स्पर्धा में एंट्री भी पुरानी क्लासिफिकेशन स्थिति के कारण अस्वीकार कर दी गई।
इन झटकों के बावजूद भारतीय खेल जगत की उम्मीदें कम नहीं हुई हैं। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय एथलीटों ने ओलंपिक और विश्व स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है, और ग्लासगो में भी यही निरंतरता दिखाने की चुनौती होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 कब और कहां हो रहे हैं?
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में 23 जुलाई से 2 अगस्त तक आयोजित हो रहे हैं। यह आयोजन शहर के कई प्रमुख स्थलों पर होगा, जिसमें द हाइड्रो और स्कॉटिश इवेंट कैंपस शामिल हैं।
भारत के कितने खिलाड़ी इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा ले रहे हैं?
भारत ने 126 खिलाड़ियों का दल भेजा है, जिसमें 77 पुरुष और 48 महिला एथलीट शामिल हैं। ये खिलाड़ी आठ मुख्य खेलों और पांच पैरा स्पर्धाओं में हिस्सा ले रहे हैं।
भारत के मुख्य पदक दावेदार कौन हैं?
नीरज चोपड़ा (जैवलिन थ्रो), मीराबाई चानू (वेटलिफ्टिंग) और लवलीना बोरगोहेन (मुक्केबाजी) भारत के प्रमुख पदक दावेदारों में शामिल हैं। इसके अलावा मुक्केबाजी में परवीन हुड्डा, साक्षी चौधरी, प्रीति पवार और जैस्मीन लाम्बोरिया से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।














