- नई दिल्ली: समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) को लागू करने की दिशा में केंद्र सरकार के कदम तेज हो गए हैं
- उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है जिसने इसे लागू किया है
- समान नागरिक संहिता का अर्थ है कि देश के सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने से संबंधित एक समान कानून हो, चाहे उनका धर्म कोई भी हो
- भाजपा और उसके सहयोगी दल इसे राष्ट्रीय एकता के लिए जरूरी मानते हैं
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नई दिल्ली: समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) को लागू करने की दिशा में केंद्र सरकार के कदम तेज हो गए हैं। उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है जिसने इसे लागू किया है।
क्या है UCC?
समान नागरिक संहिता का अर्थ है कि देश के सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने से संबंधित एक समान कानून हो, चाहे उनका धर्म कोई भी हो।
समर्थन और विरोध
भाजपा और उसके सहयोगी दल इसे राष्ट्रीय एकता के लिए जरूरी मानते हैं। वहीं, कई मुस्लिम संगठन और विपक्षी दल इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर आघात बताते हैं।
आगे का रास्ता
संविधान के अनुच्छेद 44 में UCC का उल्लेख है। सुप्रीम कोर्ट ने भी कई बार सरकार को इस दिशा में कदम उठाने की सलाह दी है।















