- Muzaffarnagar Bonded Labor News: मुजफ्फरनगर में एक पेपर प्लेट फैक्ट्री से 12 बंधुआ मजदूरों को छुड़ाया गया, जिनमें नाबालिग भी शामिल हैं
- उनके शरीर पर टॉर्चर के निशान मिले
- This shocking Muzaffarnagar bonded labor case exposes child exploitation and modern slavery in UP
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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एक पेपर प्लेट फैक्ट्री से 12 बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराया गया है। इनमें से कई नाबालिग भी शामिल हैं। मजदूरों के शरीर पर कोड़ों और अन्य वस्तुओं से मारने के गहरे निशान पाए गए हैं। पुलिस ने इस मामले में दो फैक्ट्री मालिकों को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, ये मजदूर पिछले कई महीनों से फैक्ट्री में बंधक बनाकर रखे गए थे। उन्हें न केवल बिना वेतन के काम करने के लिए मजबूर किया जाता था, बल्कि काम में कोताही बरतने पर उन्हें बेरहमी से पीटा जाता था। पीड़ितों के शरीर पर कोड़ों के घाव और जलने के निशान साफ देखे जा सकते हैं। स्थानीय प्रशासन को गुप्त सूचना मिलने के बाद छापेमारी कर इन मजदूरों को मुक्त कराया गया।
मुक्त कराए गए मजदूरों में से अधिकांश बिहार और झारखंड जैसे राज्यों से लाए गए थे। उन्हें काम और अच्छी कमाई का झांसा देकर यहां लाया गया था, लेकिन यहां आने के बाद उन्हें कैद कर लिया गया। फैक्ट्री मालिकों ने उनके पहचान पत्र और मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए थे, ताकि वे बाहर किसी से संपर्क न कर सकें।
प्रशासन ने पीड़ित मजदूरों को राहत शिविर में भेज दिया है और उनका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। साथ ही, उनके परिवारों से संपर्क करने की
स्रोत: hindi.oneindia.com















