- भारत का सकल GST कलेक्शन जून 2026 में 13
- 9 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी के साथ 1,94,812 करोड़ रुपये यानी करीब 1
- 95 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया
- यह पिछले 13 महीनों में दर्ज की गई सबसे तेज़ मासिक ग्रोथ है, और यह आंकड़ा जून 2025 के 1,71,105 करोड़ रुपये से काफी ऊपर है
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भारत का सकल GST कलेक्शन जून 2026 में 13.9 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी के साथ 1,94,812 करोड़ रुपये यानी करीब 1.95 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह पिछले 13 महीनों में दर्ज की गई सबसे तेज़ मासिक ग्रोथ है, और यह आंकड़ा जून 2025 के 1,71,105 करोड़ रुपये से काफी ऊपर है। इस उछाल की सबसे बड़ी वजह आयात यानी इंपोर्ट से मिलने वाले टैक्स में हुई भारी बढ़ोतरी बताई जा रही है, जो सीधे तौर पर बताती है कि देश की अर्थव्यवस्था और उपभोक्ता मांग किस दिशा में बढ़ रही है।
जीएसटी कलेक्शन के आंकड़े क्या कहते हैं
वित्त मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार जून 2026 का सकल संग्रह देश में अब तक के गैर-अप्रैल महीनों में दूसरा सबसे ऊंचा आंकड़ा है, जिसने जनवरी 2026 के करीब 1,92,447 करोड़ रुपये के आंकड़े को भी पीछे छोड़ दिया। रिफंड की रकम घटाने के बाद नेट GST राजस्व 1,62,377 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के 1,45,984 करोड़ रुपये की तुलना में 11.2 प्रतिशत ज़्यादा है।
तिमाही प्रदर्शन भी मजबूत
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून तक का कुल सकल संग्रह 6,31,699 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही से 8.4 प्रतिशत अधिक है। इससे साफ है कि जून का उछाल कोई एकबारगी घटना नहीं बल्कि पूरी तिमाही में लगातार सुधार का नतीजा है।
आयात बनाम घरेलू राजस्व में बड़ा फासला
इस बार जो आंकड़ा सबसे ज्यादा ध्यान खींच रहा है वह है घरेलू और आयात से मिलने वाले GST राजस्व के बीच का बड़ा अंतर। जहां घरेलू लेनदेन से मिलने वाला जीएसटी सिर्फ 6.5 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़कर 1,34,774 करोड़ रुपये तक पहुंचा, वहीं आयात पर लगने वाला जीएसटी 34.6 प्रतिशत की जबरदस्त छलांग के साथ 60,038 करोड़ रुपये तक जा पहुंचा।
इसके अलावा रिफंड में भी 29.1 प्रतिशत का इज़ाफा देखा गया, जिसमें घरेलू रिफंड में 42.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। विशेषज्ञों के मुताबिक यह दिखाता है कि सरकार व्यापारियों के लंबित इनपुट टैक्स क्रेडिट दावों को तेजी से निपटाने पर काम कर रही है, जिससे कारोबारियों को नकदी प्रवाह में राहत मिल रही है।
राज्यों की भागीदारी — कौन रहा सबसे आगे
राज्यवार आंकड़ों की बात करें तो महाराष्ट्र जून 2026 में भी देश में सबसे ज़्यादा जीएसटी संग्रह करने वाला राज्य बना रहा, उसके बाद गुजरात, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु का स्थान रहा। महाराष्ट्र का घरेलू संग्रह करीब 30,714 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल से 9 प्रतिशत अधिक है।
बड़े राज्यों में उत्तर प्रदेश की ग्रोथ खासतौर पर उल्लेखनीय रही, जहां संग्रह में करीब 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई। जीएसटी आंकड़ों में इस बार जो प्रमुख रुझान सामने आए, वे इस प्रकार हैं:
- सकल संग्रह में 13.9 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी, पिछले 13 महीनों में सबसे तेज़
- आयात जीएसटी में 34.6 प्रतिशत की तेज़ छलांग, घरेलू संग्रह में सिर्फ 6.5 प्रतिशत बढ़ोतरी
- रिफंड के बाद नेट राजस्व में 11.2 प्रतिशत की वृद्धि
- पहली तिमाही (अप्रैल-जून) का कुल संग्रह 8.4 प्रतिशत अधिक
- महाराष्ट्र राज्यवार संग्रह में लगातार शीर्ष पर, उत्तर प्रदेश की ग्रोथ सबसे तेज़ बड़े राज्यों में
अर्थव्यवस्था और आम आदमी के लिए क्या मायने
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि मजबूत जीएसटी संग्रह सीधे तौर पर उपभोक्ता खर्च, बेहतर टैक्स अनुपालन और स्थिर आर्थिक गतिविधि का संकेत देता है। आयात जीएसटी में तेज़ बढ़ोतरी यह भी बताती है कि घरेलू उद्योगों की कच्चे माल और मशीनरी की मांग बनी हुई है, जो आगे चलकर उत्पादन और रोजगार दोनों के लिए सकारात्मक संकेत हो सकता है।
हालांकि घरेलू संग्रह की धीमी रफ्तार यह भी दिखाती है कि आम उपभोक्ता खर्च में उतनी तेजी नहीं आई जितनी आयात के मोर्चे पर देखी गई। सरकार के लिए यह आंकड़े राजकोषीय घाटे को नियंत्रण में रखने और सामाजिक योजनाओं के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाने में मददगार साबित हो सकते हैं, बशर्ते यह रफ्तार आने वाले महीनों में भी बनी रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
जून 2026 में कुल GST कलेक्शन कितना रहा?
जून 2026 में भारत का सकल जीएसटी संग्रह 1,94,812 करोड़ रुपये यानी करीब 1.95 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान अवधि से 13.9 प्रतिशत अधिक है और पिछले 13 महीनों में सबसे तेज़ ग्रोथ है।
जीएसटी संग्रह में इतनी तेज़ बढ़ोतरी की मुख्य वजह क्या रही?
इस बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह आयात यानी इंपोर्ट पर लगने वाले जीएसटी में 34.6 प्रतिशत का उछाल रही, जबकि घरेलू लेनदेन से मिलने वाला जीएसटी अपेक्षाकृत धीमी 6.5 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ा।
राज्यवार जीएसटी संग्रह में कौन सा राज्य सबसे आगे रहा?
महाराष्ट्र जून 2026 में भी राज्यवार जीएसटी संग्रह में सबसे आगे रहा, जिसके बाद गुजरात, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु का स्थान रहा। उत्तर प्रदेश ने बड़े राज्यों में सबसे तेज़ करीब 19 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की।














