- बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा से पूछताछ में बड़े खुलासे हुए हैं
- बबीता का WhatsApp और अन्य सोशल मीडिया पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहा था
- बबीता धाकड़ को जैश-ए-मोहम्मद का ऑपरेटर की तरफ से स्लीपर सेल बनने की ट्रेनिंग दी जा रही थी
पढ़ने का समय: लगभग 1 मिनट
बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा के मामले में जांच एजेंसियों को चौंकाने वाले तथ्य हाथ लगे हैं। पूछताछ में सामने आया है कि यह महिला पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के संपर्क में थी और उसे खास तौर पर स्लीपर सेल के तौर पर काम करने की ट्रेनिंग दी जा रही थी। सूत्रों के मुताबिक, बबीता का वॉट्सऐप और अन्य सोशल मीडिया अकाउंट पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहे थे, जहां से उसे लगातार निर्देश दिए जाते थे।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि बबीता को रोजाना ऑनलाइन कलमा पढ़ाया जाता था और उसे धार्मिक कट्टरता की ओर ढाला जा रहा था। आतंकी संगठन के ऑपरेटर उसे भारत में स्लीपर सेल बनाने और संभावित हमलों के लिए तैयार करने की ट्रेनिंग दे रहे थे। खास बात यह है कि बबीता का संपर्क जैश-ए-मोहम्मद के एक शीर्ष आतंकी अजहर मसूद के रिश्तेदार से भी पाया गया है, जो संगठन के लिए रिक्रूटमेंट का काम करता है।
बबीता धाकड़ मूल रूप से मध्य प्रदेश की रहने वाली है और पिछले कुछ सालों में वह कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित हुई। जांच एजेंसियों को संदेह है कि वह न सिर्फ खुद आतंकी गतिविधियों में शामिल थी, बल्कि दूसरी महिलाओं को भी संगठन से जोड़ने का काम कर रही थी। फिलह
स्रोत: indiatv.in





























