- केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा अधिसूचित विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन नियम, 2026 के अनुसार, एनजीओ को अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स और वेबसाइट्स का विवरण अनिवार्य रूप से देना होगा
- विदेशी चंदे का उपयोग सामाजिक, शैक्षिक, धार्मिक, आर्थिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए किया जा सकता है
- लेकिन बताना होगा कि किस उद्देश्य के लिए यह ख़र्चा गया
- इन सभी श्रेणियों में…
पढ़ने का समय: लगभग 1 मिनट
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम, एफसीआरए के तहत नए संशोधित नियम अधिसूचित कर दिए हैं। 2026 के इन नियमों के तहत अब देश में काम करने वाले सभी गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) के लिए अपने सोशल मीडिया अकाउंट और वेबसाइट का पूरा विवरण सरकार को देना अनिवार्य हो गया है। इसके अलावा, संगठनों को यह भी स्पष्ट करना होगा कि विदेशी चंदे का उपयोग वे किस विशिष्ट उद्देश्य के लिए कर रहे हैं।
नए नियमों के अनुसार, एनजीओ को अपने आवेदन में यह बताना होगा कि विदेशी अंशदान का उपयोग सामाजिक, शैक्षिक, धार्मिक, आर्थिक या सांस्कृतिक कार्यक्रमों में से किस श्रेणी में किया जा रहा है। पहले केवल इन श्रेणियों का उल्लेख करना पर्याप्त था, लेकिन अब हर श्रेणी के तहत किए जा रहे कार्यों का विस्तृत ब्योरा और उसका भौगोलिक कार्यक्षेत्र भी देना अनिवार्य होगा। इससे सरकार यह सुनिश्चित कर सकेगी कि विदेशी फंड का उपयोग घोषित उद्देश्यों से भटक कर न हो रहा हो।
गृह मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने और विदेशी चंदे के दुरुपयोग पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है। पिछले कुछ वर्षों में कई एनजीओ पर विदेशी फंडिंग के नियमों का उल्लंघन करने और
स्रोत: thewirehindi.com















