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- Bharat Tiwari Encounter:<
- बिहार के भोजपुर में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले ने अब बड़ा सामाजिक और राजनीतिक रूप ले लिया है
- इसी कड़ी में आज भरत तिवारी के गांव बिलौटी में एक सर्वदलीय महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए
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बिहार के भोजपुर जिले में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले ने अब एक बड़ा सामाजिक और राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया है। इस मामले में आरोप लगाया जा रहा है कि पुलिस ने एक फर्जी मुठभेड़ को अंजाम दिया। शनिवार को भरत तिवारी के पैतृक गांव बिलौटी में एक सर्वदलीय महापंचायत बुलाई गई, जिसमें बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज के लोग, स्थानीय नेता और विभिन्न सामाजिक संगठन शामिल हुए। इस महापंचायत में न केवल इस एनकाउंटर की निंदा की गई, बल्कि मृतक के परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर एकजुटता भी दिखाई गई।
महापंचायत के बाद, स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना किसी उचित कारण के भरत तिवारी को मार गिराया। उनका कहना है कि यह एक सुनियोजित फर्जी एनकाउंटर था, जिसमें पुलिस ने कानून को अपने हाथ में ले लिया। इस मामले में पीड़ित परिवार ने पुलिस के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है, और अब मामले की जांच की मांग तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने भी इस मामले को लेकर नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधा है, और कहा है कि राज्य में कानून व्यवस्था चरमरा गई है।
भरत तिवारी के एनकाउंटर ने बिहार की राजनीति में एक नया तूफान खड़ा कर दिया है। ब्राह्मण समाज, जो परंपरागत रूप से भाज
स्रोत: abplive.com















