- बीजिंग/नई दिल्ली: वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तनाव कम होने के बाद भारत-चीन संबंधों में नया अध्याय शुरू होने की उम्मीद है
- दोनों देशों के बीच व्यापार और कूटनीतिक संबंध सामान्य करने की प्रक्रिया जारी है
- पूर्वी लद्दाख में वर्षों से चले आ रहे तनाव के बाद दोनों सेनाओं ने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं से अपनी सेना हटा ली है
- डेपसांग और देमचोक जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त फिर से शुरू हो गई है
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बीजिंग/नई दिल्ली: वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तनाव कम होने के बाद भारत-चीन संबंधों में नया अध्याय शुरू होने की उम्मीद है। दोनों देशों के बीच व्यापार और कूटनीतिक संबंध सामान्य करने की प्रक्रिया जारी है।
LAC पर स्थिति
पूर्वी लद्दाख में वर्षों से चले आ रहे तनाव के बाद दोनों सेनाओं ने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं से अपनी सेना हटा ली है। डेपसांग और देमचोक जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त फिर से शुरू हो गई है।
व्यापार और निवेश
भारत-चीन व्यापार 130 अरब डॉलर से अधिक का है। हालांकि, भारत ने चीनी निवेश पर कई प्रतिबंध लगाए हुए हैं। भारत का मानना है कि व्यापार और सुरक्षा को अलग-अलग देखना होगा।
शंघाई सहयोग संगठन
SCO के मंच पर दोनों देशों के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने बातचीत की। इससे द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य करने में मदद मिलने की उम्मीद है।















