- नई दिल्ली: भारत में मानसिक स्वास्थ्य संकट तेजी से बढ़ रहा है
- WHO की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 15 करोड़ से अधिक लोगों को मानसिक स्वास्थ्य सहायता की जरूरत है
- 18 से 25 साल की आयु के युवाओं में अवसाद और चिंता सबसे अधिक बढ़ रही है
- सोशल मीडिया, परीक्षा का दबाव और करियर की चिंता इसके प्रमुख कारण हैं
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नई दिल्ली: भारत में मानसिक स्वास्थ्य संकट तेजी से बढ़ रहा है। WHO की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 15 करोड़ से अधिक लोगों को मानसिक स्वास्थ्य सहायता की जरूरत है।
युवाओं पर असर
18 से 25 साल की आयु के युवाओं में अवसाद और चिंता सबसे अधिक बढ़ रही है। सोशल मीडिया, परीक्षा का दबाव और करियर की चिंता इसके प्रमुख कारण हैं।
सरकारी कदम
केंद्र सरकार ने मानसिक स्वास्थ्य के लिए KIRAN हेल्पलाइन शुरू की है जहां 24×7 मुफ्त सहायता उपलब्ध है। टेलीमेडिसिन के जरिए भी मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं।
घर पर खुद करें ये उपाय
नियमित व्यायाम करें, पर्याप्त नींद लें, संतुलित आहार खाएं और सामाजिक संबंध बनाए रखें। ध्यान और योग भी मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद हैं।















