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- अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के कथित मामले ने अब बड़ा मोड़ ले लिया है
- 6 दिनों तक चली गहन पड़ताल के बाद एसआईटी ने अपनी 15 पन्नों की शुरुआती जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है
- हालांकि इस रिपोर्ट को पूरी तरह गोपनीय रखा गया है और इसकी आधिकारिक जानकारी अभी तक सामने नहीं आई…
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अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए प्रसाद और दान में हेराफेरी के आरोपों की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है। सूत्रों के अनुसार, छह दिनों तक चली गहन पड़ताल के बाद तैयार की गई यह 15 पन्नों की रिपोर्ट कई चौंकाने वाले खुलासों से भरी हुई है। हालांकि सरकार ने अभी तक इस रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया है और इसे पूरी तरह गोपनीय रखा गया है।
जांच में सबसे अधिक निशाना मंदिर के मुख्य पुजारी चंपत राय को बताया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में चढ़ावे के रूप में आने वाले नकद और अन्य वस्तुओं के हिसाब-किताब में गंभीर अनियमितताएं पाई हैं। मंदिर प्रशासन द्वारा दान पेटियों की गिनती और उनके रिकॉर्ड में बड़ा अंतर पाया गया है। रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि चढ़ावे की राशि का एक बड़ा हिस्सा आधिकारिक दस्तावेजों में दर्ज नहीं किया गया।
गौरतलब है कि यह मामला तब सामने आया था जब कुछ श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया था कि मंदिर में चढ़ाए गए प्रसाद और धन को सही तरीके से संरक्षित नहीं किया जा रहा है। इसके बाद विवाद बढ़ने पर सरकार ने एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी ने मंदिर के सीसी
स्रोत: abplive.com















