- युवा पीढ़ी कैलेंडर के हिसाब से नहीं, बल्कि शरीर के अंदर होने वाले बदलावों के हिसाब से पहले की तुलना में ज्यादा तेजी से बूढ़ी हो रही है
- इसने कैंसर के खतरे के भी काफी बढ़ा दिया है
पढ़ने का समय: लगभग 1 मिनट
युवा पीढ़ी अब पहले की तुलना में कहीं अधिक तेजी से बुढ़ापे की ओर बढ़ रही है। यह चेतावनी हाल के एक अध्ययन में सामने आई है, जिसमें पाया गया कि केवल कैलेंडर के अनुसार उम्र बढ़ना ही नहीं, बल्कि शरीर के अंदर जैविक स्तर पर होने वाले बदलाव भी इस प्रक्रिया को तेज कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह तथाकथित ‘जैविक आयु’ (Biological Age) में वृद्धि युवाओं में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के खतरे को भी काफी बढ़ा रही है।
शोधकर्ताओं ने पाया कि आज की युवा पीढ़ी में सेलुलर स्तर पर क्षति और सूजन के संकेत पिछली पीढ़ियों की तुलना में कम उम्र में ही दिखने लगे हैं। इसके पीछे मुख्य कारणों में खराब जीवनशैली, असंतुलित आहार, नींद की कमी और लगातार बढ़ता तनाव शामिल हैं। इसके अलावा, पर्यावरण में मौजूद प्रदूषण और रसायनों के संपर्क में आना भी कोशिकाओं की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को तेज कर रहा है। अध्ययन में यह भी सामने आया कि जिन युवाओं की जैविक आयु अधिक थी, उनमें समय से पहले कैंसर विकसित होने का जोखिम सामान्य से कई गुना अधिक पाया गया।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रवृत्ति बेहद चिंताजनक है क्योंकि इससे न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य पर असर पड़ता है,
स्रोत: amarujala.com















