- अदाणी समूह ने 2035 तक 10 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता स्थापित करने की घोषणा की है
- यह कदम भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा और समूह को एकीकृत बिजली मंच में विस्तार देगा
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अहमदाबाद। अदाणी समूह ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए अगले दस वर्षों में 10 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता स्थापित करने का लक्ष्य तय किया है। समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी ने यह घोषणा करते हुए कहा कि यह निवेश भारत के स्वच्छ और विश्वसनीय ऊर्जा भविष्य को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
गौतम अदाणी ने कहा कि यह कदम अदाणी समूह को एक एकीकृत बिजली मंच में बदलने की दिशा में भी अहम है। वर्तमान में समूह कोयला, सौर और पवन ऊर्जा जैसे विविध स्रोतों से बिजली उत्पादन करता है। परमाणु ऊर्जा को शामिल करने से समूह की बिजली उत्पादन क्षमता और अधिक विविध और स्थिर हो जाएगी। यह लक्ष्य 2035 तक पूरा करने का है, जिसके लिए समूह ने अपनी योजनाएं तैयार कर ली हैं।
भारत सरकार भी परमाणु ऊर्जा के विस्तार को प्राथमिकता दे रही है। देश की मौजूदा परमाणु ऊर्जा क्षमता लगभग 7.5 गीगावाट है, और सरकार ने 2031 तक इसे बढ़ाकर 22 गीगावाट करने का लक्ष्य रखा है। अदाणी समूह का यह निजी क्षेत्र का निवेश इस दिशा में एक महत्वपूर्ण साझेदारी साबित हो सकता है। हालांकि, परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं में निजी भागीदारी के लिए सरकार को कानूनी और
स्रोत: amarujala.com













