- शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने इंडिया टीवी से बात की और नीट-री एग्जाम को लेकर तमाम सवालों के जवाब दिए
- उन्होंने कहा कि 38 दिन में री-एग्जाम कराना बड़ी चुनौती थी
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शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने इंडिया टीवी को दिए एक विशेष साक्षात्कार में NEET री-एग्जाम को लेकर कई अहम बातें कहीं। उन्होंने बताया कि महज 38 दिनों के भीतर दोबारा परीक्षा आयोजित करना एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन प्रशासनिक तंत्र ने इसे सफलतापूर्वक अंजाम दिया। मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है।
प्रधान ने स्पष्ट किया कि री-एग्जाम का निर्णय छात्रों के हित में लिया गया, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता से प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में लाखों छात्रों को शामिल करना और कम समय में परीक्षा केंद्रों का प्रबंधन करना अपने आप में एक लॉजिस्टिक चुनौती थी। मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार ने इस दौरान सभी जरूरी कदम उठाए ताकि परीक्षा का स्तर और गुणवत्ता बनी रहे।
साक्षात्कार में शिक्षा मंत्री ने NEET परीक्षा से जुड़ी विवादास्पद घटनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। प्रधान ने छात्रों से अपील की कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और सरकार द्वारा जारी आधिकारिक ज
स्रोत: indiatv.in































